परिपत्र सम्बन्धी प्रश्न परिपत्र सम्बन्धी प्रश्न

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए परिपत्र सम्बन्धी प्रश्न की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए परिपत्र सम्बन्धी प्रश्न की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

परिपत्र (Circular): एक परिचयपरिपत्र (Circular): एक परिचय

mindmap root((परिपत्र)) परिभाषा शासकीय सूचना अनेक अधिकारियों को प्रेषण मुख्य अंग शीर्षक पत्र संख्या विषय मुख्य मजमून हस्ताक्षर
mindmap root((परिपत्र)) परिभाषा शासकीय सूचना अनेक अधिकारियों को प्रेषण मुख्य अंग शीर्षक पत्र संख्या विषय मुख्य मजमून हस्ताक्षर

परिपत्र बनाम अन्य पत्रपरिपत्र बनाम अन्य पत्र

विशेषतापरिपत्रशासकीय पत्र
प्रेषकएक अधिकारीएक अधिकारी
प्रेषितीअनेक अधिकारीएक अधिकारी/संस्था
उद्देश्यसूचना का प्रसारनिर्णय/निर्देश

परिपत्र की परिभाषा

परिपत्र की परिभाषा

जब किसी एक ही सूचना, निर्देश या आदेश को एक साथ अनेक कार्यालयों या अधिकारियों को भेजा जाता है, तो उसे परिपत्र (Circular) कहते हैं।जब किसी एक ही सूचना, निर्देश या आदेश को एक साथ अनेक कार्यालयों या अधिकारियों को भेजा जाता है, तो उसे परिपत्र (Circular) कहते हैं।

मुख्य उद्देश्य: एक साथ समान सूचना का व्यापक वितरण।मुख्य उद्देश्य: एक साथ समान सूचना का व्यापक वितरण।

परिपत्र के अनिवार्य अंग

परिपत्र के अनिवार्य अंग

1. शीर्ष पर कार्यालय का नाम। 2. पत्र संख्या। 3. दिनांक। 4. विषय। 5. संबोधन (महोदय)। 6. मुख्य विषय-वस्तु। 7. हस्ताक्षर एवं पदनाम।1. शीर्ष पर कार्यालय का नाम। 2. पत्र संख्या। 3. दिनांक। 4. विषय। 5. संबोधन (महोदय)। 6. मुख्य विषय-वस्तु। 7. हस्ताक्षर एवं पदनाम।

परिपत्र की भाषा शैली

परिपत्र की भाषा शैली

परिपत्र की भाषा औपचारिक, स्पष्ट, तटस्थ और संक्षिप्त होनी चाहिए। इसमें व्यक्तिगत भावनाओं के लिए स्थान नहीं होता।परिपत्र की भाषा औपचारिक, स्पष्ट, तटस्थ और संक्षिप्त होनी चाहिए। इसमें व्यक्तिगत भावनाओं के लिए स्थान नहीं होता।

परिपत्र के प्रकार

परिपत्र के प्रकार

सामान्यतः परिपत्र दो प्रकार के होते हैं: 1. विभागीय परिपत्र (Internal) 2. बाह्य परिपत्र (External)। इनका उपयोग प्रशासनिक कार्यों के सुदृढ़ीकरण हेतु किया जाता है।सामान्यतः परिपत्र दो प्रकार के होते हैं: 1. विभागीय परिपत्र (Internal) 2. बाह्य परिपत्र (External)। इनका उपयोग प्रशासनिक कार्यों के सुदृढ़ीकरण हेतु किया जाता है।

परिपत्र का महत्व

परिपत्र का महत्व

यह सरकारी तंत्र में एकरूपता लाने, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और समय की बचत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।यह सरकारी तंत्र में एकरूपता लाने, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और समय की बचत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

परिपत्र लेखन के मुख्य बिंदु

परिपत्र लेखन के मुख्य बिंदु

परिपत्र में 'सेवा में' का प्रयोग नहीं होता क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति को संबोधित नहीं होता। इसमें 'प्रति' का प्रयोग किया जाता है।परिपत्र में 'सेवा में' का प्रयोग नहीं होता क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति को संबोधित नहीं होता। इसमें 'प्रति' का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण प्रारूप (संक्षेप में)

उदाहरण प्रारूप (संक्षेप में)

कार्यालय आदेश संख्या: 123/2024. विषय: कार्यालय समय में परिवर्तन के संबंध में। महोदय, सूचित किया जाता है कि...कार्यालय आदेश संख्या: 123/2024. विषय: कार्यालय समय में परिवर्तन के संबंध में। महोदय, सूचित किया जाता है कि...

परीक्षा हेतु टिप्स एवं ट्रिक्स

परीक्षा हेतु टिप्स एवं ट्रिक्स

1. 'परिपत्र' शब्द देखते ही 'अनेक अधिकारी' का ध्यान रखें। 2. यह हमेशा औपचारिक होता है। 3. इसमें संबोधन और अभिवादन का स्वरूप अत्यंत संक्षिप्त होता है। 4. 'प्रति' शब्द की उपस्थिति परिपत्र की पहचान कराती है।1. 'परिपत्र' शब्द देखते ही 'अनेक अधिकारी' का ध्यान रखें। 2. यह हमेशा औपचारिक होता है। 3. इसमें संबोधन और अभिवादन का स्वरूप अत्यंत संक्षिप्त होता है। 4. 'प्रति' शब्द की उपस्थिति परिपत्र की पहचान कराती है।